आइये जानते है ओर विवेचन करते है शिवरात्रि का व्रत कितना लाभदायक है। प्राचीन काल से ही भारतीय भूमि सन्तो महात्माओ की भूमि रही है समय समय पर अनेक महात्माओ ने आकर समाज के उद्धार की दृष्टि से अनेक प्रकार की साधनाये ताकि समाज भक्ति करके सुख और मोक्ष की प्राप्ति कर सके। भक्ति करके हम परमात्मा से अपने सभी बीमारियों तथा दुःखी का निवारण चाहते है। हमारे समाज मे प्राचीन काल से ही यह धारणा रही है कि शिवरात्रि के व्रत से अनेक प्रकार के लाभ व्रत करने वाले को प्राप्त होते है तथा शिवरात्रि के व्रत करने से मनोकामनाये भी शीघ्र पूरी हो जाती है। आइये जानते है हमारे प्राचीन इतिहास को ओर जानते है शिवरात्रि पर शिवलिंग पूजा कैसे प्रारंभ हुई और शिवरात्रि पूजा से कितना लाभ प्राप्त होता है। शिव लिंग की पूजा कैसे प्रारम्भ हुई? शिव महापुराण {जिसके प्रकाशक हैं ‘‘खेमराज श्री कृष्णदास प्रकाशन मुंबई (बम्बई), हिन्दी टीकाकार (अनुवादक) हैं विद्यावारिधि पंडित ज्वाला प्रसाद जी मिश्र} भाग-1 में विद्यवेश्वर संहिता अध्याय 5 पृष्ठ 11 पर नंदीकेश्वर यानि शिव के वाहन ने बताया कि शिव लिंग की पूजा कैसे प्रारम्भ हुई?...